परिश्रम करना हमारा कर्त्तव्य होता है

इस पृथ्वी पर जितने भी प्राणी है सभी के जीवन मे परिश्रम का बहुत महत्व होता है। संसार मे कोई भी प्राणी काम किए बिना नही रह सकता। चींटी का जीवन भी परिश्रम से भरा होता है। मनुष्य परिश्रम करके अपने जीवन की हर समस्या से छुटकारा पा सकता है। सूर्य हर सुबह उठकर के विश्व का उपकार करता है वह कभी भी अपने नियम का उल्लंघन नही करता है। नदिया भी दिनभर इस किनारे से उस किनारे तक यात्रा करती है। कीड़े, पशु-पक्षी भी अपने दैनिक कार्य मे व्यस्त रहते है। जो पुरूष दृढ़ प्रतिज्ञा करता है उसके लिए विश्व का कोई भी कार्य मुश्किल नही होता है। अगर मनुष्य परिश्रम नही करता तो आज संसार मे कुछ भी नही होता। आज संसार ने जो उन्नति की है वह सब परिश्रम का ही फल है। कुछ लोग मेहनत करने की बजाय भाग्य को ज्यादा महत्व देते है। वे भाग्य के सहारे जीवन जीते है पर शायद उन्हें यह नही पता होता कि भाग्य जीवन मे आलस्य को जन्म देता है। वह यह समझते है कि जो हमारे भाग्य मे होगा वह हमे अवश्य मिलेगा। लेकिन बिना परिश्रम के कोई भी सफलता हाथ नही लगती। अगर व्यक्ति चाहे तो अपने परिश्रम से अपने भाग्य को भी बदल सकता है। जब हम परिश्रम नही करेगे तो हम उन्नति और विकास का स्वप्न भी नही देख सकते क्योकि वह सपना जब पूरा ही नही होगा तो देखने से ही क्या फायदा क्योकि हम परिश्रम ही नही करेगे सब भगवान भरोसे छोड देंगे और वैसे भी भगवान तो हमारे सपने को पूरा करने के लिए खाली बैठे ही है। अगर हम एक विधार्थी को देखे तो जितना ही वह मेहनत करता है वैसे ही उसे सफलता भी मिलती है। अब अगर आप ये सोच लो की आप परीक्षा मे पढ़ोगे और लिखोगे नही और सोचेगे की सब भगवान पास कर देंगे। भगवान भी उसी की मदद करते है जो मेहनत करते है। हमे अपने जीवन मे सफल होने के लिए मेहनत करनी चाहिये, राज्य देश की उन्नति के लिए मेहनत करनी चाहिए।

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